सुनील प्रभाकर , बटाला (गुरदासपुर)
पंजाब पुलिस के साइबर सेल में बड़े तेज तर्रार और देशभग्त अधिकारी काम कर रहे हैं । वहीं यह भी पता चला है कि साइबर सेल में कथित तौर पर कुछ काली भेड़े सरगर्म हैं, जो कि डीजीपी गौरव यादव की और से पंजाब पुलिस के साथ मिल कर चलाए जा रहे के नशा विरोधी अभियान की हवा निकाल रही हैं।
नशा तस्करी के धंधे में उतरा एक नया युवक जो कि दो-तीन महीना से दूसरे प्रदेश से नशा ला कर बटाला के कुछ नामचीन लोगों को नशा बेच रहा था।
इसी बीच नशा तस्कर युवक को कथित साइबर सेल से एक कर्मचारी का फोन आता है कि तुम्हारा फोन नंबर सीआइए स्टाफ की शिकायत पर हम लोगों ने रिकार्डिंग पर लगा दिया है। इसलिए अगले दो महीने तक फोन पर शांत बने रहो।
उस कथित साइबर सेल कर्मचारी ने नशा तस्कर को यहां तक भी कहा कि उसके वहटसेप नंबर और मैसेंजर भी साइबर सेल ने रिकार्डिंग पर लगा दिए हैं, इसिलए वहटसैप या फोन नंबर पर किसी ग्राहक से नशे का सौदा मत करना और हो सके तो नशा बेचने के काम को दो तीन महीने के लिए बंद कर दो। नशा तस्कर को यह भी कहा गया कि दो तीन महीने के बाद साइबर सेल से रिपोर्ट बना कर सीआइए स्टाफ वालों को भेज देंगे की युवक के सोशल मीडिया अकाउंट व फोन काल्स में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिल। नशा तस्कर ने यह जानकारी मिलने पर उस कथित साइबर सेल के कर्मचारी का आभार जताया व और जल्द ही उसकी सेवा पानी करने का वायदा किया।
जो भी हो मुद्दा जांच का मोहताज है कि आखिर हकीकत क्या है। क्या सच में पुलिस के साइबर सेल में काली भेड़े सरगर्म हैं जो नशा तस्करों को सहयोग कर रही हैं या फिर हकीकत कुछ और है।
